हवा का ज़ोर
भी काफ़ी बहाना होता है;
अगर चिराग किसी को जलाना होता है;
ज़ुबानी दाग़ बहुत लोग करते रहते हैं;
जुनूँ के काम को कर के दिखाना होता है;
हमारे शहर में ये कौन अजनबी आया;
कि रोज़ सफ़र पे रवाना होता है;
कि तू भी याद नहीं आता ये
तो होना था;
गए दिनों को सभी को भुलाना होता है।
Woh Kya Jane Pyar Ki Keemat Kya Hoti Hai,
Jab Nhi Milta Pyar To Aankhe Kitna Roti Hain,
Kbhi Na Kbhi To Wo Bhi Kisi Se Dil Lagayegi,
Karegi Vo Bewafai To Meri Wafa Ki Yaad Ayegi.
यूँ तो घुट जाएगा दम कुछ हवा तो आने दो
तोड़ दे जो ख़ामोशी वो सदा तो आने दो
छोड़ देंगें साथ सब जिनकों समझा हमसफ़र
पेश राहों में कोई वाकि़आ तो आने दो
कुछ जुदा तुमसे रहे, कुछ क़दम तन्हा चलें
दरमियां अपने ज़रा फ़ासिला तो आने दो
ढूँढ लेंगें कितने ही रास्ते और मंज़िलें
इस बियाबां में नज़र नक़्शे-पा तो आने दो
हम अकेले ही सही मगर चलते रहे
ये न कहते थे कोई क़ाफ़िला तो आने दो......
कल रात भी बारिश खूब हुई
और बादल टूट के बरसा था
नदिया कुचे सब जल थल थे
पर सोच का सेहरा प्यासा था
बंद दरवाजे के कुंचो पर
जब बूंदों ने दस्तक दी
एहसास हुआ तुम आये हो
कुछ अंदाज़ तुम्हारे जैसा था
कलम चलती है तो दिल की आवाज़
लिखता हूँ,
गम और जुदाई के अंदाज़ इ बयान
लिखता हूँ,
रुकते नहीं हैं मेरी आँखों से आंसू,
मैं जब भी उसकी याद में अलफ़ाज़
लिखता ह