यह ना थी हमारी क़िस्मत, कि विसाल-ए-यार होता;
अगर और जीते रहते, यही इंतज़ार होता;
तेरे वादे पर जाएँ हम, तो यह जान झूठ जाना;
कि ख़ुशी से मर ना जाते, अगर ऐतबार होता।
तेरे हाथ थाम :couple: कर ज़िन्दगी :couple_with_heart: की राहो पर चलना :walking: चाहता हूँ, फिर ख़ुशी :grinning: मिले या दुःख :pensive: ये मेरा नसीब :innocent: है.
कल रात भी बारिश खूब हुई
और बादल टूट के बरसा था
नदिया कुचे सब जल थल थे
पर सोच का सेहरा प्यासा था
बंद दरवाजे के कुंचो पर
जब बूंदों ने दस्तक दी
एहसास हुआ तुम आये हो
कुछ अंदाज़ तुम्हारे जैसा था
Sirf Najdikiyo Se Mohabbat Hua Nahi Karti,
Fasle Jo Dilon Me Ho To Fir Chahat Hua Nhi Karti
Agar Naraz Ho Khafa Ho To Shikayat Karo Hamse
Khamosh Rahne Se Dilo Ki Duriya Mita Nhi Karti
कठिन है राह-गुज़र...
कठिन है राह-गुज़र थोड़ी देर साथ चलो;
बहुत कड़ा है सफ़र थोड़ी देर साथ चलो;
तमाम उम्र कहाँ कोई साथ देता है;
ये जानता हूँ मगर थोड़ी दूर साथ चलो;
नशे में चूर हूँ मैं भी तुम्हें भी होश नहीं;
बड़ा मज़ा हो अगर थोड़ी दूर साथ चलो।
तेरी उम्मीद तेरा इंतज़ार...
तेरी उम्मीद तेरा इंतज़ार जब से है;
न शब को दिन से शिकायत न दिन को शब से है;
किसी का दर्द हो करते हैं तेरे नाम रक़म;
गिला है जो भी किसी से तेरे सबब से है;
हुआ है जब से दिल-ए-नासुबूर बेक़ाबू;
कलाम तुझसे नज़र को बड़े अदब से है;
अगर शरर है तो भड़के, जो फूल है तो खिले;
तरह तरह की तलब तेरे रंगे-लब से है;
कहाँ गये शबे-फ़ुरक़त के जागनेवाले;
सितारा-ए-सहरी हमकलाम कब से है।