समंदर पीड का अंदर है लेकिनरो नहीं सकता,
ये आँसु प्यार का मोती हैइसको खो नहीं सकता,
मेरी चाहत को दुल्हन तु बनालेना मगर सुन ले...
जो मेरा हो नहीं पाया वो तेरा.
तुम यहाँ धरती पर लकीरें
खींचते हो;
हम वहाँ अपने लिये नये आसमान ढूंढते हैं;
तुम बनाते जाते हो पिंजड़े पे पिंजड़ा;
हम अपने पंखों में नयी उड़ान ढूंढते हैं।
जब तुम्हारा जादू चलेगा
सब तरफ होगी बहार
हर कोई होगा बेक़रार
तुम्हारा इंतज़ार ……………
ना कहीं होगा वैर
ना कहीं होगी घृणा
बस प्यार ही प्यार
तुम्हारा इंतज़ार ……………
हम रोज़ प्रेम दिवस मनाएँग
मेरे दिल की ख्वाहिश है, तू मेरे पास ही रहे,
तेरी आँखों के काजल की, मुझे प्यास सी रहे,
सोनी तेरे दिल मैं, मेरी बात के जज्बात से रहे,
जैसे मेने तुझे चाहा, मुझे तू भी चाहती रहे….
बिकता अगर प्यार तो कौन
नहीं खरीदता;
बिकती अगर खुशियां तो कौन उसे बेचता;
दर्द अगर बिकता तो हम आपसे खरीद लेते;
और आपकी खुशियों के लिए हम खुद को बेच
देते।