हम तो मौजूद थे रात में उजालों की तरह;
लोग निकले ही नहीं ढूंढने वालों की तरह;
दिल तो क्या हम रूह में भी उतर जाते;
उस ने चाहा ही नहीं चाहने वालों की तरह।
Zindagi ye rang dikhati hai kitne,
Gair ho jate hain, ek pal mein apne.
Sapno ki duniya mein kabhi na jana yaar,
Dil toot jata hai, jab toot te hain sapne
गुलसन है अगर सफ़र
जिंदगी का,
तो इसकी मंजिल समशान
क्यों है ?
जब जुदाई है प्यार का मतलब, तो फिर प्यार
वाला हैरान क्यों है ?
अगर जीना ही है
मरने के लिए, तो जिंदगी ये वरदान
क्यों है ?
जो कभी न मिले उससे
ही लग जाता है दिल,
आखिर ये दिल इतना नादान क्यों है
अगर किसी के प्यार का अंदाज़ा लगाना हो
तो उसकी नाराज़गी एक बार देख लो..
कुंकि जितनी शिद्दत से इंसान नाराज़गी दिखता है.
उतनी ही शिद्दत उसके प्यार में होती है
मेरी दोस्त बड़ी वो प्यारी है, फूलो की जैसी निर्मल है,
सूरज की जैसी किरने है, बाते भी उस की निर्मल है,
पूजा की जैसी थाली है, चेहरे पर उस के लाली है,
दोस्ती उस की सच्ची है, वो दिल की बोहुत अच्छी है….
तुम यहाँ धरती पर लकीरें
खींचते हो;
हम वहाँ अपने लिये नये आसमान ढूंढते हैं;
तुम बनाते जाते हो पिंजड़े पे पिंजड़ा;
हम अपने पंखों में नयी उड़ान ढूंढते हैं।
उन्होंने देखा और हमारे आंसू गिर पड़े;
भारी बरसात में जैसे फूल बिखर पड़े;
दुःख यह नहीं कि उन्होंने हमें अलविदा कहा;
दुःख तो ये है कि उसके बाद वो खुद रो पड़े।