गुलसन है अगर सफ़र
जिंदगी का,
तो इसकी मंजिल समशान
क्यों है ?
जब जुदाई है प्यार का मतलब, तो फिर प्यार
वाला हैरान क्यों है ?
अगर जीना ही है
मरने के लिए, तो जिंदगी ये वरदान
क्यों है ?
जो कभी न मिले उससे
ही लग जाता है दिल,
आखिर ये दिल इतना नादान क्यों है
तेरे बगैर इस ज़िन्दगी की हमें जरुरत नहीं;
तेरे सिवा हमें किसी और की चाहत नहीं;
तुम ही रहोगे हमेशा मेरे दिल में;
किसी और को इस दिल में आने की इजाज़त नहीं।
कितनी अजीब बात है ना जब तू मेरे पास थी तो,
हर दम ये सोचता था की क्या में तेरी कदर नहीं करता
और आज तू मेरे पास नहीं है तो है तो ये एहसास होता है की,
कदर तो हमेशा से थी मगर तुजे न खोने के यकीन ने अँधा कर दिया था.
क्या फ़र्क है दोस्ती और मोहब्बत में,
रहते तो दोनों दिल में ही हैं लेकिन फ़र्क तो है;
बरसों बाद मिलने पर दोस्ती सीने से लगा लेती है,
और मोहब्बत नज़र चुरा लेती है।