इस कदर इस जहाँ में जिंदा हूँ मैं
हो गयी थी भूल अब शर्मिंदा हूँ मैं
मेरी कोशिश है की ना हो तेरी दुनिया में कोई गम
तू आवाज़ दे गगन से एक परिंदा हूँ मैं ...
शायद यह वक़्त हम से कोई चाल चल गया;
रिश्ता वफ़ा का और ही रंगों में ढ़ल गया;
अश्क़ों की चाँदनी से थी बेहतर वो धूप ही;
चलो उसी मोड़ से शुरू करें फिर से जिंदगी ।
ए रात सोने दे...
ए रात सोने दे यूं तंग ना किया कर;
बेकार सवालों में पाबंद ना किया कर;
इस के सिवा और भी ज़माने के काम हैं;
तु मेरे ख्यालात बे-ढंग ना किया कर;
दुनियाँ में और लोग भी बस्ते हैं तन्हा;
तु सिर्फ मेरे साथ ही जंग न किया कर;
ए रात सोने दे यूँ तंग ना किया कर;
मज़बूत हूँ, पर इतना भी नहीं हूँ;
दुनिया के सभी ग़म मेरे संग ना किया कर;
ए रात सोने दे यूँ तंग न किया कर।
Bekhudi ki zindagi hum jiya nahi karte,
Jaam dusro se chheenkar hum piya nhi karte
Unko mohabbat hai toh aakar izhaar karen,
Peecha hum bhi kisi ka kiya nahi karte..!!
जब हो तुझे मेरी जरुरत
मैं हाज़िर हो जाऊ
जीवन में हो जब बुरा वक़्त
मैं साथ निभाऊ
ख़ुशी मिले तुम्हे जब इस जहाँ में
मैं पीछे खड़ा हो मुस्कुराऊ
जीवन में हर वक़्त तेरी परछाई बन
मैं तेरे साथ चलता जाऊ.
मैंने कोशिश के बाद उसे भुला दिया;
उसकी यादों को सीने से मिटा दिया;
एक दिन फिर उसका पैगाम आया;
लिखा था मुझे भूल जाओ और;
मुझे हर लम्हा फिर याद दिला दिया।
Woh Kya Jane Pyar Ki Keemat Kya Hoti Hai,
Jab Nhi Milta Pyar To Aankhe Kitna Roti Hain,
Kbhi Na Kbhi To Wo Bhi Kisi Se Dil Lagayegi,
Karegi Vo Bewafai To Meri Wafa Ki Yaad Ayegi.
तुझे पाने की इसलिए जिद्द नहीं करता,
कि तुझे खोने को दिल नहीं करता,
तु मिलता है तो इसलिए नजरें नहीं उठाते,
कि फिर नजरें हटाने को दिल नहीं करता,
दिल की बात इसलिए तुझ से नहीं करता,
कि तेरा दिल दुखाने को दिल नहीं करता,
ख्वाबो में इसलिए तुझको नहीं सजाते,
कि फिर निंद से जागने को दिल नहीं करता।