हो गई है पीर पर्वत-सी...
हो गई है पीर पर्वत-सी पिघलनी चाहिए;
इस हिमालय से कोई गंगा निकलनी चाहिए;
आज यह दीवार, परदों की तरह हिलने लगी;
शर्त लेकिन थी कि ये बुनियाद हिलनी चाहिए;
हर सड़क पर, हर गली में, हर नगर, हर गाँव में;
हाथ लहराते हुए हर लाश चलनी चाहिए;
सिर्फ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं;
सारी कोशिश है कि ये सूरत बदलनी चाहिए;
मेरे सीने में नहीं तो तेरे सीने में सही;
हो कहीं भी आग, लेकिन आग जलनी चाहिए।
एक मुद्दत से मेरे हाल से बेगाना है;
जाने ज़ालिम ने किस बात का बुरा माना है;
मैं जो जिंदगी हूँ तो वो भी हैं
अना का कैदी;
मेरे कहने पर कहाँ उसने चले आना है।
Har kisi k liye yu hum wish nahi karte,
Ye Bat yahi pe hum finish nahi karte,
Agar hmara msg na aye to ye mat
sochna k
Hum apko miss nahi karte…
I Love You. . . . . . .
:point_down_tone1:क्या :pray_tone2:जरुरत :point_right_tone4:है $*जानू:person_with_blond_hair_tone1:♀को*:lipstick: लिपस्टीक :kiss:लगाने की :part_alternation_mark:हम :kissing_heart:चूम-चूम :kissing_heart:के ही होंठ उसके:kiss: लाल कर:military_medal:देते:couplekiss: