मेरे दिल की ख्वाहिश है, तू मेरे पास ही रहे,
तेरी आँखों के काजल की, मुझे प्यास सी रहे,
सोनी तेरे दिल मैं, मेरी बात के जज्बात से रहे,
जैसे मेने तुझे चाहा, मुझे तू भी चाहती रहे….
एक मुद्दत से मेरे हाल से बेगाना है;
जाने ज़ालिम ने किस बात का बुरा माना है;
मैं जो जिंदगी हूँ तो वो भी हैं
अना का कैदी;
मेरे कहने पर कहाँ उसने चले आना है।
ओंस की बूँद सी...
ओंस की बूँद सी होती है बेटियाँ;
स्पर्श खुरदरा हो तो रोती हैं बेटियाँ;
रोशन करेगा बेटा तो एक कुल को;
दो दो कुलो की लाज होती हैं बेटियाँ;
कोई नहीं है एक दूसरे से कम;
हीरा अगर है बेटा;
तो सुच्चा मोती है बेटियाँ;
काँटों की राह पर यह खुद ही चलती हैं;
औरों के लिए फूल होती हैं बेटियाँ;
विधि का विधान है;
यही दुनियाँ की रस्म है;
मुट्ठी भर नीर सी होती हैं बेटियाँ।
वक्त :watch: गुजारने के लिये तो मेरे पास भी Chat:speech_left: पर लडकियाँ :two_women_holding_hands: हजार हे, लेकिन वक्त :watch: के सहारे जो जिन्दगी :earth_americas: गुजार दे, मुझे :heart_eyes: तो उस लडकी :girl: का इन्तजार हे.
अपनी मर्ज़ी से कहाँ अपने सफ़र
के हम है;
रुख हवाओं का जिधर का है उधर के हम है;
पहले हर चीज़
थी अपनी मगर अब लगता है;
अपने ही घर में किसी दूसरे घर के
हम है;
वक़्त के साथ है मिट्टी का सफ़र सदियों से;
किसको मालूम कहाँ के हैं, किधर के हम हैं;
चलते रहते हैं कि चलना है मुसाफ़िर का नसीब;
सोचते रहते हैं किस राहग़ुज़र के हम है।