1_Wo muje mehndi lage hath dikha
kar royi,
Mai kisi or ki hu bas itna bata k
royi.
Shayad umar bhar ki judai ka khayal
aya tha use,
Wo muje pass apane bitha kar royi.
Dukh ka ehasaas dila kar royi,
Kabhi kehati thi ki main na ji paungi
bin tumhare,
Or aaj ye bat dohara k royi.
Mujse zayad bichhadne ka gum tha
use,
Waqt-E-Rukshant wo muje sine se
laga ke royi.
जर्जर हौसला मरम्मत मांगता है;
मुश्किल वक्त हिम्मत मांगता है;
उम्र भर नेकी न
की गयी मगर;
अब बुढ़ापे में जन्नत मांगता है;
मुश्किल वक्त...
वफ़ा के सौदे में वो सितमगर मुझसे;
शर्त में बेशर्त मोहब्बत मांगता है;
मुश्किल वक्त...
काफ़िर बेटों का वो खुदा-परस्त बाप;
औलादों के लिए मन्नत मांगता है;
मुश्किल वक्त...
एक रुपया नहीं निकलता उनकी जेब
से;
जिनके लिए माँ का दिल बरकत मांगता है;
मुश्किल वक्त...
भीड़ भाड़ को छोड़ आए हैं बस तन्हाई भाई है.
वहां बहुत बेचैनी भोगी यहां खुमारी छाई है.
वो सवाल अब यहां नहीं हैं जिनके उत्तर मुश्किल थे.
जितनी हमने इच्छा की थी उतनी राहत पाई है.
वो पानी की बूंद है, जो आँखों से बह जाये....
आँसू तो वो है, जो तड़प के आँखों में ठहर जाये....
वो प्यार ही क्या जो लफ्जों में बयान हो....
प्यार वो है जो आँखों से नजर आये.....
कठिन है राह-गुज़र...
कठिन है राह-गुज़र थोड़ी देर साथ चलो;
बहुत कड़ा है सफ़र थोड़ी देर साथ चलो;
तमाम उम्र कहाँ कोई साथ देता है;
ये जानता हूँ मगर थोड़ी दूर साथ चलो;
नशे में चूर हूँ मैं भी तुम्हें भी होश नहीं;
बड़ा मज़ा हो अगर थोड़ी दूर साथ चलो।
:heart_eyes:सुन पगली ज़िंदगी हैं छोटी# लेकिन Life में Traffic:vertical_traffic_light:बहुत हैं बस तू आज दे दे प्यार का Green Signal, :white_check_mark: और में तुम्हें ले चलो इश्क़ की :couplekiss:. Long Drive पे..:kissing_heart:
हम तो मौजूद थे रात में उजालों की तरह;
लोग निकले ही नहीं ढूंढने वालों की तरह;
दिल तो क्या हम रूह में भी उतर जाते;
उस ने चाहा ही नहीं चाहने वालों की तरह।
तेरी उम्मीद तेरा इंतज़ार...
तेरी उम्मीद तेरा इंतज़ार जब से है;
न शब को दिन से शिकायत न दिन को शब से है;
किसी का दर्द हो करते हैं तेरे नाम रक़म;
गिला है जो भी किसी से तेरे सबब से है;
हुआ है जब से दिल-ए-नासुबूर बेक़ाबू;
कलाम तुझसे नज़र को बड़े अदब से है;
अगर शरर है तो भड़के, जो फूल है तो खिले;
तरह तरह की तलब तेरे रंगे-लब से है;
कहाँ गये शबे-फ़ुरक़त के जागनेवाले;
सितारा-ए-सहरी हमकलाम कब से है।