यह ना थी हमारी क़िस्मत, कि विसाल-ए-यार होता;
अगर और जीते रहते, यही इंतज़ार होता;
तेरे वादे पर जाएँ हम, तो यह जान झूठ जाना;
कि ख़ुशी से मर ना जाते, अगर ऐतबार होता।
तुझे पाने की इसलिए जिद्द नहीं करता,
कि तुझे खोने को दिल नहीं करता,
तु मिलता है तो इसलिए नजरें नहीं उठाते,
कि फिर नजरें हटाने को दिल नहीं करता,
दिल की बात इसलिए तुझ से नहीं करता,
कि तेरा दिल दुखाने को दिल नहीं करता,
ख्वाबो में इसलिए तुझको नहीं सजाते,
कि फिर निंद से जागने को दिल नहीं करता।
जज़्बात बहकते है जब तुमसे मिलती हूँ
अरमान मचलते है जब तुमसे मिलती हूँ...
साथ हम दोनों का कोई बर्दाश्त नहीं करता
सब हमसे जलते हैं जब तुमसे मिलती हूँ...
आँखों से तुम जाने क्या क्या कह देते हो
तूफ़ान से चलते हैं जब तुमसे मिलती हूँ...
हाथो से हट मिलते हैं होंठो से होंठ
दिल से दिल मिलते हैं जब तुमसे मिलती हूँ...
आहो में बह जाती है तन्हाई कि हर रात
कई शिकवे दिल में रहते हैं जब तुमसे मिलती हूँ..
Posted my swee2
:couple:साथ :walking:चलने के लिए साथी चाहिए :sob: आंसू रोकने के लिए :innocent:मुस्कान चाहिए :heart: जिंदा रहने के लिए जिंदगी चाहिए और जिंदगी जीने के लिए :point_right::princess:आप चाहिए !!