हर तरफ हर जगह...
हर तरफ हर जगह बेशुमार आदमी;
फिर भी तन्हाईयों का शिकार आदमी;
सुबह से शाम तक बोझ ढोता हुआ;
अपनी ही लाश का खुद मज़ार आदमी;
रोज़ जीता हुआ रोज़ मरता हुआ;
हर नए दिन नया इतज़ार आदमी;
हर तरफ भागते दौड़ते का शिकार आदमी;
हर तरफ आदमी का शिकार आदमी;
ज़िंदगी का मुक़द्दर सफ़र दर सफ़र;
आखिरी सांस तक बेक़रार आदमी।
तेरे बगैर इस ज़िन्दगी की हमें जरुरत नहीं;
तेरे सिवा हमें किसी और की चाहत नहीं;
तुम ही रहोगे हमेशा मेरे दिल में;
किसी और को इस दिल में आने की इजाज़त नहीं।
हम उबलते हैं तो भूचाल उबल जाते हैं;
हम मचलते हैं तो तूफ़ान मचल जाते हैं;
हमें बदलने की कोशिश करनी है ऐ दोस्तों;
क्योंकि हम बदलते हैं तो इतिहास बदल जाते है।
दर्द जब हद से गुजर जाता हूँ तो रो लेता हूँ;
जब किसी से कुछ कह
नहीं पता तो रो लेता हूँ;
यूँ तो मेला हैं चारों तरफ हमारे, लोगों का मगर;
जब कोई अपना नजर नहीं आता तो रो लेता हूँ।
तेरे हाथ थाम :couple: कर ज़िन्दगी :couple_with_heart: की राहो पर चलना :walking: चाहता हूँ, फिर ख़ुशी :grinning: मिले या दुःख :pensive: ये मेरा नसीब :innocent: है.
किसी के दिल पे क्या गुजरी हे वो अनजान क्या जाने,
प्यार किसको कहते हे वो नादान क्या जाने,
हवा के साथ उठा ले गया घर का परिंदा,
केसे बना था ये घोसला वो तूफान क्या जाने.
चुप भी रहो सनम , लब से न इश्क की कुछ बात करो
अंखियों में अंखिया डाल, नैनो से प्यार का इज़हार करो
हमको तो तुम्हारी खुबसूरत अदाओं ने ही मार डाला है
अभी तो मोहब्बत की शुरुवात है कुछ तो इंतज़ार करो