जब तक आर्थिक हालात सुधर नही जाते।इस बीच किसी को भी पैसो की तंगी महसुस हो। तो घबराये नहीं। आत्महत्या जैसे कदम ना उठाये। :grinning::grinning::grinning:सीधे अपने अपने ग्रुप के एडमिन के घर पहुच जाये। आपके और आपके परिवार को 30 Dec.तक खान पान की सुविधा मुफ़्त में दी जायेगी। एडमिन कभी भी अपने कर्त्तव्य से विमुख नहीं होते। एडमिन सबको ले कर चलने का नाम है। :grinning::grinning::grinning:इतने बड़ी उपाधि और ओहदा कुछ तो काम आना ही चाहिए:footprints::footprints::grinning:सभी शांति बनाये रखे घबराये नहीं:grinning::grinning:बोलो एडमिन की जय
वेश बदलकर भगवान्, वैश्य से पूछते हैं कि तुम्हारी नौका में क्या है वैश्य जवाब देता है कि मेरी नौका में तो सिर्फ "फूल, पत्ती और कपड़े हैं". वैश्य का जबाब सुनकर भगवान कहते हैं, "तथास्तु". और नौका में रखा सारा धन फूल पत्तों में बदल जाता है.
ऐसे ही तीन माह पहले प्रधानमंत्री ने भी लोगों पूछा था तुम्हारी तिजोरी में क्या छूपा हुआ है अगर ब्लैक मनी हो तो 30 सितम्बर तक घोषित कर दो और टैक्स चुका दो. लेकिन लोग बोले, "नहीं नहीं, हमारी तिजोरी में तो सिर्फ ही ''कागज ही कागज़'' है" प्रधानमंत्री मोदी बोले, "तथास्तु" और तिजोरी का कालाधन कागज के टुकड़ों में बदल गया.
मै और मेरी पत्नी आज ये बातें करते थे तुम बेंक की लाईन मे आगे खडे रहेना मै भी लाईन मे तुम्हारे साथ रहुंगा लाईन तो बडी लंबी होगी प्यास लगी तो तुम मुझे पानी पीलाना भूख लगी तो मै तम्हे वडापाँव खिलाऊंगा मै और मेरी पत्नी आज ये बातें करते थे
(The Moment They Reached To Bank... There Was A Long Queue....)
ये कहां.... आ गये हम.... युंही साथ साथ चलते कड़ी धूप मे है जानम मेरे जिस्म -ओ-जाँ पीघलते
मजबूर ये हालात इधर भी है उधर भी लम्बी लम्बी ये लाइन इधर भी है उधर भी कहेने को बहुत कुछ है मगर किससे कहे हम कब तक युं ही खामोश रहे और सहे हम दिल कहेता है बेन्क की हरेक लाइन को तोड दे दिवार जो है ढाई हजार निकासी की वो गीरा दे सीधे चले जाए कॅशीयर के पास और कहे हाँ हमे कॅश चाहिए, हमको कॅश दे दे, कॅश दे दे, कॅश दे दे हर दिल मे यही बात इधर भी है उधर भी...
मोदी तेरी माया कोई समझ नहीं पाया
कल तक माँगने पर भी पेमेंट नहीं मिलती थी
और आज पार्टी सामने से फ़ोन कर रही है पेमेंट कहा लाकर देऊ :stuck_out_tongue_winking_eye::stuck_out_tongue_winking_eye::joy:
वो तो भला हो मुकेश जी का, वरना नोटबन्दी की इस कंगाली में कितनो का व्हाट्सप्प चलाना भी बन्द हो गया होता। . . मुकेश जी ज़िंदाबाद :joy::joy::joy::joy::laughing::laughing::laughing::laughing:
નરેન્દ્ર મોદી પાછા રાતે ટીવી પર આવ્યા હોય અને કીધું હોય કે " 'આજે રાતે 12 વાગ્યા થી........' આટલું બોલ્યા હોય ત્યાં લાઈટ જતી રહે તો ?????? હોસ્પિટલો ભરાઈ જાય કે નહિ???