Nayi Subah Itni Sayani Ho Jaye,
Aapke Dukho Ki Sari Baate Purani Ho Jaye ,
De Jaye Itni Khushiya Ye Din,
Ki Khushi Bhi Aapke Muskurahat Ki Diwani Ho Jaye.
Good Morning
Hr Lamha-1khayal
Hr Khayal-1sawal
Hr Sawal-1jawab
Hr Jawab-1ummid
Hr Ummid-1sapna
Hr Sapna-1arman
Hr Arman-1yad
Or Yaado Me 1
Wo Ho Aap.
Good morning havea nice day
किसी की "सलाह" से रास्ते जरूर मिलते हैं, पर मंजिल तो खुद की "मेहनत" से ही मिलती है ! "प्रशंसक" हमें बेशक पहचानते होंगे.. मगर "शुभचिन्तकों" की पहचान खुद को करनी पड़ती है
*जलाराम एक बहुत बड़े दानवीर थे। उनकी ये एक खास बात थी कि जब वो दान देने के लिए हाथ आगे बढ़ाते तो अपनी नज़रें नीचे झुका लेते थे।*
*ये बात सभी को अजीब लगती थी कि ये जलाराम कैसे दानवीर हैं। ये दान भी देते हैं और इन्हें शर्म भी आती है।*
*ये बात जब कबीर जी तक पहुँची तो उन्होंने जलाराम को चार पंक्तियाँ लिख भेजीं जिसमें लिखा था* -
*ऐसी देनी देन जु* *कित सीखे हो सेन।* *ज्यों ज्यों कर ऊँचौ करौ* *त्यों त्यों नीचे नैन।।*
*इसका मतलब था कि जलाराम तुम ऐसा दान देना कहाँ से सीखे हो? जैसे जैसे तुम्हारे हाथ ऊपर उठते हैं वैसे वैसे तुम्हारी नज़रें तुम्हारे नैन नीचे क्यूँ झुक जाते हैं?*
*जलाराम ने इसके बदले में जो जवाब दिया वो जवाब इतना गजब का था कि जिसने भी सुना वो जलाराम का कायल हो गया।* *इतना प्यारा जवाब आज तक किसी ने किसी को नहीं दिया।*
*जलाराम ने जवाब में लिखा* -
*देनहार कोई और है* *भेजत जो दिन रैन।* *लोग भरम हम पर करैं* *तासौं नीचे नैन।।*
*मतलब, देने वाला तो कोई और है वो मालिक है वो परमात्मा है वो दिन रात भेज रहा है। परन्तु लोग ये समझते हैं कि मैं दे रहा हूँ जलाराम दे रहा है। ये सोच कर मुझे शर्म आ जाती है और मेरी आँखें नीचे झुक जाती हैं।*:pray::pray: