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  • Life Saying SMS   454
  • A kid asked Swami Vivekanand: "Sab kuchh khone se jyada kharab kya hai? "Swamiji replied" Wo Umeed khona jis ke Bharose par Hum sab kuchh vapas paa sakte hai.!"
  • 10 years ago



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  • us insaan par bharosa rakho jo tumhare 3bate jaan sake.. 1.muskurane k piche dukh.. 2.gusse ke piche pyaar.. 3.chup rahne ke piche karan.
  • 10 years ago



    Tags : Life Saying SMS
  • Je nirasha ne kadi jota nathi, . Te aasha dil mathi kadi khota nathi, . Je prayatno par jivi jane che sada, . Te kadi kismat par rota nathi..!
  • 10 years ago



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  • Master Key Of Life "All Fingers R Not Same In Size, But Wen They Bend,All Stand Equal". Life Becomes Easy Wen V Bend & Adjust in all Situation.
  • 10 years ago



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  • Nice Lines By CHANAKYA- You Are Born Without Anything But You Die With Your Name... So "That Name Must Not Be A Word only, It Must Be A History.... Take care
  • 10 years ago



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  • पता नहीं :x: क्यूँ, Selfie :iphone: लेना मजबूरी सा :unamused: हो गया है, खुश दिखना :unamused:, खुश रहने :sweat_smile: से ज्यादा Important :pensive: सा हो :smirk: गया है.
  • 9 years ago



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  • Life ends when you stop dreaming, hope ends when you stop believing and love ends when you stop caring. So dream hope and love..Makes Life Beautiful
  • 10 years ago



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  • Why am I afraid to lose you when you,re not even mine? . Love is to think about someone else more times in a day than you think about yourself.
  • 10 years ago



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  • Silence is the fence around wisdom!! If your foot slips, You can always regain your balance.. But if your tongue slips, You can never recall the words...
  • 10 years ago



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  • *बहुत सुंदर कथा ..*

    *एक औरत अपने परिवार के सदस्यों के लिए रोज़ाना भोजन पकाती थी और एक रोटी वह वहाँ से गुजरने वाले किसी भी भूखे के लिए पकाती थी..।*

    *वह उस रोटी को खिड़की के सहारे रख दिया करती थी, जिसे कोई भी ले सकता था..।*

    *एक कुबड़ा व्यक्ति रोज़ उस रोटी को ले जाता और बजाय धन्यवाद देने के अपने रस्ते पर चलता हुआ वह कुछ इस तरह बड़बड़ाता- "जो तुम बुरा करोगे वह तुम्हारे साथ रहेगा और जो तुम अच्छा करोगे वह तुम तक लौट के आएगा..।"*

    *दिन गुजरते गए और ये सिलसिला चलता रहा..*

    *वो कुबड़ा रोज रोटी लेके जाता रहा और इन्ही शब्दों को बड़बड़ाता - "जो तुम बुरा करोगे वह तुम्हारे साथ रहेगा और जो तुम अच्छा करोगे वह तुम तक लौट के आएगा.।"*

    *वह औरत उसकी इस हरकत से तंग आ गयी और मन ही मन खुद से कहने लगी की-"कितना अजीब व्यक्ति है,एक शब्द धन्यवाद का तो देता नहीं है, और न जाने क्या-क्या बड़बड़ाता रहता है, मतलब क्या है इसका.।"*

    *एक दिन क्रोधित होकर उसने एक निर्णय लिया और बोली-"मैं इस कुबड़े से निजात पाकर रहूंगी।"*

    *और उसने क्या किया कि उसने उस रोटी में ज़हर मिला दिया जो वो रोज़ उसके लिए बनाती थी, और जैसे ही उसने रोटी को को खिड़की पर रखने कि कोशिश की, कि अचानक उसके हाथ कांपने लगे और रुक गये और वह बोली- "हे भगवन, मैं ये क्या करने जा रही थी.?" और उसने तुरंत उस रोटी को चूल्हे कि आँच में जला दिया..। एक ताज़ा रोटी बनायीं और खिड़की के सहारे रख दी..।*

    *हर रोज़ कि तरह वह कुबड़ा आया और रोटी ले के: "जो तुम बुरा करोगे वह तुम्हारे साथ रहेगा, और जो तुम अच्छा करोगे वह तुम तक लौट के आएगा" बड़बड़ाता हुआ चला गया..।*

    *इस बात से बिलकुल बेख़बर कि उस महिला के दिमाग में क्या चल रहा है..।*

    *हर रोज़ जब वह महिला खिड़की पर रोटी रखती थी तो वह भगवान से अपने पुत्र कि सलामती और अच्छी सेहत और घर वापसी के लिए प्रार्थना करती थी, जो कि अपने सुन्दर भविष्य के निर्माण के लिए कहीं बाहर गया हुआ था..। महीनों से उसकी कोई ख़बर नहीं थी..।*

    *ठीक उसी शाम को उसके दरवाज़े पर एक दस्तक होती है.. वह दरवाजा खोलती है और भोंचक्की रह जाती है.. अपने बेटे को अपने सामने खड़ा देखती है..।*

    *वह पतला और दुबला हो गया था.. उसके कपडे फटे हुए थे और वह भूखा भी था, भूख से वह कमज़ोर हो गया था..।*

    *जैसे ही उसने अपनी माँ को देखा, उसने कहा- "माँ, यह एक चमत्कार है कि मैं यहाँ हूँ.. आज जब मैं घर से एक मील दूर था, मैं इतना भूखा था कि मैं गिर गया.. मैं मर गया होता..।*

    *लेकिन तभी एक कुबड़ा वहां से गुज़र रहा था.. उसकी नज़र मुझ पर पड़ी और उसने मुझे अपनी गोद में उठा लिया.. भूख के मरे मेरे प्राण निकल रहे थे.. मैंने उससे खाने को कुछ माँगा.. उसने नि:संकोच अपनी रोटी मुझे यह कह कर दे दी कि- "मैं हर रोज़ यही खाता हूँ, लेकिन आज मुझसे ज़्यादा जरुरत इसकी तुम्हें है.. सो ये लो और अपनी भूख को तृप्त करो.।"*

    *जैसे ही माँ ने उसकी बात सुनी, माँ का चेहरा पीला पड़ गया और अपने आप को सँभालने के लिए उसने दरवाज़े का सहारा लीया..।*

    *उसके मस्तिष्क में वह बात घुमने लगी कि कैसे उसने सुबह रोटी में जहर मिलाया था, अगर उसने वह रोटी आग में जला के नष्ट नहीं की होती तो उसका बेटा उस रोटी को खा लेता और अंजाम होता उसकी मौत..?*

    *और इसके बाद उसे उन शब्दों का मतलब बिलकुल स्पष्ट हो चूका था-*
    *जो तुम बुरा करोगे वह तुम्हारे साथ रहेगा,और जो तुम अच्छा करोगे वह तुम तक लौट के आएगा।।*

    *" निष्कर्ष "*
    ==========
    *हमेशा अच्छा करो और अच्छा करने से अपने आप को कभी मत रोको, फिर चाहे उसके लिए उस समय आपकी सराहना या प्रशंसा हो या ना हो..।*
    ==========

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    मैं आपसे दावे के साथ कह सकता हूँ कि ये बहुत से लोगों के जीवन को छुएगी व बदलेगी.:pray::blush:
  • 9 years ago



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  • Na karo yad tumhain To ulajh jata houn Sanson se!! . . Samjh Nahi Aata Zindagi sanson se hai; Yaa teri yaad se.
  • 10 years ago



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  • Independence of JAVA Power of UNIX Popularity of WINDOWS Luxury of .NET Efficiency of C Ease of VB Robustness of ORACLE Vision of PHOTO SHOP Vastness of INTERNET Compactness of JPG Richness of BMP Coverage as YAHOO Reach-ness of GOOGLE And Security of NORTON!!! Many many Happy Returns of Diwali. *JuSt FrOm SkR*
  • 10 years ago



    Tags : Life Saying SMS
  • WAQT aur HAALAAT Dono Insaan Ki Zindagi Me Kabhi Ek Jaise Nahi Hote ... WAQT Insaan Ki Zindgi Badal Deta HE . Or . HAALAAT badalte Me WAQT Nahi lagta!!
  • 10 years ago



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