हो गई है पीर पर्वत-सी...
हो गई है पीर पर्वत-सी पिघलनी चाहिए;
इस हिमालय से कोई गंगा निकलनी चाहिए;
आज यह दीवार, परदों की तरह हिलने लगी;
शर्त लेकिन थी कि ये बुनियाद हिलनी चाहिए;
हर सड़क पर, हर गली में, हर नगर, हर गाँव में;
हाथ लहराते हुए हर लाश चलनी चाहिए;
सिर्फ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं;
सारी कोशिश है कि ये सूरत बदलनी चाहिए;
मेरे सीने में नहीं तो तेरे सीने में सही;
हो कहीं भी आग, लेकिन आग जलनी चाहिए।
कुछ खूबसूरत से पल किस्सा बन जाते है;
जाने कब जिंदगी का हिस्सा बन जाता है;
कुछ लोग अपने होकर भी अपने
नहीं होते;
और कुछ बेगाने होकर
भी जिंदगी का हिस्सा बन जाते है।
प्रेम
तन्हाईयों में मुस्कुराना इश्क है;
एक बात को सबसे छुपाना इश्क है;
यु तो नींद नहीं आती हमें रात भर;
मगर सोते-सोते जागना और जागते-जागतेसोना इश्क है!
अगर किसी के प्यार का अंदाज़ा लगाना हो
तो उसकी नाराज़गी एक बार देख लो..
कुंकि जितनी शिद्दत से इंसान नाराज़गी दिखता है.
उतनी ही शिद्दत उसके प्यार में होती है
#मन्दिर :european_castle: की #घण्टी :bell: बजा #बजा कर भी #थक :disappointed_relieved: चुका हूं... ना जाने उसके #दिल :heartpulse: में मेरे #प्यार :couple_with_heart: की #घंटी :bell: कब बजेगी?
वफाओं की बातें की हमने जफ़ाओं के सामने;
ले चले हम चिराग़ हवाओं के सामने;
उठे हैं जब भी हाथ बदली हैं क़िस्मतें;
मजबूर है खुदा भी दुआओं के सामने।