मेरी मेंहदी की महक तेरे तन से मिलेगी,
जद्दोज़हद में उतरी एक पायल तेरे दामन से लिपटी मिलेगी...
सुबह की हया के साथ खुलेगी जब पलके मेरी,
रात की सरगोशियाँ तेरी नजरो में मिलेगी
उन्होंने देखा और हमारे आंसू गिर पड़े;
भारी बरसात में जैसे फूल बिखर पड़े;
दुःख यह नहीं कि उन्होंने हमें अलविदा कहा;
दुःख तो ये है कि उसके बाद वो खुद रो पड़े।
:point_down_tone1:क्या :pray_tone2:जरुरत :point_right_tone4:है $*जानू:person_with_blond_hair_tone1:♀को*:lipstick: लिपस्टीक :kiss:लगाने की :part_alternation_mark:हम :kissing_heart:चूम-चूम :kissing_heart:के ही होंठ उसके:kiss: लाल कर:military_medal:देते:couplekiss:
रिश्ते बनाना इतना आसान होता है
जैसे 'मिट्टी' से 'मिट्टी' पर 'मिट्टी' लिखना ॥
लेकिन...
रिश्ते निभाना उतना ही मुश्किल होता है
जैसे 'पानी' पर 'पानी' से 'पानी' लिखना ॥
हम तो मौजूद थे रात में उजालों की तरह;
लोग निकले ही नहीं ढूंढने वालों की तरह;
दिल तो क्या हम रूह में भी उतर जाते;
उस ने चाहा ही नहीं चाहने वालों की तरह।
है धूंध से लिपटी हर राहें
खोये है, मंजिल का पता पायें कैसे?
बडी खामोश है बेबसी,
नि:शब्द है,शब्दों का पता पायें कैसे?
हर रात तेरी यादों का कहर ढाती आयी,
कातिल है अंधेरा,सुबह का पता पायें कैसे?
उलझनें रिश्तों की कुछ ऐसी पायी,
खो चूके है,अब खूद का पता पायें कैसे?
तेरी उम्मीद तेरा इंतज़ार...
तेरी उम्मीद तेरा इंतज़ार जब से है;
न शब को दिन से शिकायत न दिन को शब से है;
किसी का दर्द हो करते हैं तेरे नाम रक़म;
गिला है जो भी किसी से तेरे सबब से है;
हुआ है जब से दिल-ए-नासुबूर बेक़ाबू;
कलाम तुझसे नज़र को बड़े अदब से है;
अगर शरर है तो भड़के, जो फूल है तो खिले;
तरह तरह की तलब तेरे रंगे-लब से है;
कहाँ गये शबे-फ़ुरक़त के जागनेवाले;
सितारा-ए-सहरी हमकलाम कब से है।
pyar unse karo jo use nibhana janta ho, dil usko do jo use sambhalna janta ho, khwab unse rakho jo use apna mane, khwab unse mat rakho jo sirf todna janta ho.