यूनानी मिश्र और रोमी सब मिट गये जहाँ से;
अब तक मगर हैं बाकी नाम-ओ-निशा हमारा;
कुछ बात हैं के हसती मिटती नहीं हमारी;
सदियों रहा हैं दुश्मन दौर-ए-जहाँ हमारा।
अगर किसी के प्यार का अंदाज़ा लगाना हो
तो उसकी नाराज़गी एक बार देख लो..
कुंकि जितनी शिद्दत से इंसान नाराज़गी दिखता है.
उतनी ही शिद्दत उसके प्यार में होती है
वो पानी की बूंद है, जो आँखों से बह जाये....
आँसू तो वो है, जो तड़प के आँखों में ठहर जाये....
वो प्यार ही क्या जो लफ्जों में बयान हो....
प्यार वो है जो आँखों से नजर आये.....
जो गुमां करे इस नक्श पे, वो अक्स भी एक खाक है
जिस सादगी में नूर हो, वो हुस्न ही मेहताब है
जिस नजर में खुमार हो,जो जिगर से जांनिसार हो
जिसे जलके ही करार हो, वो इश्क ही आफताब है
जब से देखा ह तेरी आखो:eyes: मे झाक कर आईना:mag: अच्छा नही :smirk:लगता मोहब्बत:two_hearts: मे ऐसे हुए ह दीवाने तुम्हें कोई देखे:sunglasses:,तो अच्छा नहीं :smirk:लगता
हम उबलते हैं तो भूचाल उबल जाते हैं;
हम मचलते हैं तो तूफ़ान मचल जाते हैं;
हमें बदलने की कोशिश करनी है ऐ दोस्तों;
क्योंकि हम बदलते हैं तो इतिहास बदल जाते है।