जज़्बात बहकते है जब तुमसे मिलती हूँ
अरमान मचलते है जब तुमसे मिलती हूँ...
साथ हम दोनों का कोई बर्दाश्त नहीं करता
सब हमसे जलते हैं जब तुमसे मिलती हूँ...
आँखों से तुम जाने क्या क्या कह देते हो
तूफ़ान से चलते हैं जब तुमसे मिलती हूँ...
हाथो से हट मिलते हैं होंठो से होंठ
दिल से दिल मिलते हैं जब तुमसे मिलती हूँ...
आहो में बह जाती है तन्हाई कि हर रात
कई शिकवे दिल में रहते हैं जब तुमसे मिलती हूँ..
Posted my swee2
तुझे पाने की इसलिए जिद्द नहीं करता,
कि तुझे खोने को दिल नहीं करता,
तु मिलता है तो इसलिए नजरें नहीं उठाते,
कि फिर नजरें हटाने को दिल नहीं करता,
दिल की बात इसलिए तुझ से नहीं करता,
कि तेरा दिल दुखाने को दिल नहीं करता,
ख्वाबो में इसलिए तुझको नहीं सजाते,
कि फिर निंद से जागने को दिल नहीं करता।
रिश्ते बनाना इतना आसान होता है
जैसे 'मिट्टी' से 'मिट्टी' पर 'मिट्टी' लिखना ॥
लेकिन...
रिश्ते निभाना उतना ही मुश्किल होता है
जैसे 'पानी' पर 'पानी' से 'पानी' लिखना ॥
जब से देखा ह तेरी आखो:eyes: मे झाक कर आईना:mag: अच्छा नही :smirk:लगता मोहब्बत:two_hearts: मे ऐसे हुए ह दीवाने तुम्हें कोई देखे:sunglasses:,तो अच्छा नहीं :smirk:लगता
Sawal kuch bhi ho, jawab tum hi ho
Rasta koi bhi ho, manzil tum hi ho
Dukh kitna hi ho, khushi tum hi ho
Arman kitne bhi ho, aarzoo tum hi ho
Gussa kitna bhi ho, pyar tum hi ho,
Khawab koi bhi ho, us me tum hi ho
Kyunki tum hi ho…!! Ab tum hi ho,
Meri ashiqi ab tum hi ho….!!!!!
कुछ रिश्ते इस जहाँ में खास होते हैं;
हवा के रूख से जिनके एहसास होते हैं;
यह दिल की कशिश नहीं तो और क्या है;
दूर रहकर भी वो दिल के कितने पास होते हैं।..
मेने :boy: हमेशा 13:07 दिया, :kissing_heart: तुम भी मेरा 07:02 :relaxed: हम 02:09 :couple: को हमेशा 01:07 रहना है, :wink: इस लिये मुझे_छोड़ने :pensive: की गलती 02:12 मत करना...
जो गुमां करे इस नक्श पे, वो अक्स भी एक खाक है
जिस सादगी में नूर हो, वो हुस्न ही मेहताब है
जिस नजर में खुमार हो,जो जिगर से जांनिसार हो
जिसे जलके ही करार हो, वो इश्क ही आफताब है
Swee2