यह ना थी हमारी क़िस्मत, कि विसाल-ए-यार होता;
अगर और जीते रहते, यही इंतज़ार होता;
तेरे वादे पर जाएँ हम, तो यह जान झूठ जाना;
कि ख़ुशी से मर ना जाते, अगर ऐतबार होता।
तेरे हाथ थाम :couple: कर ज़िन्दगी :couple_with_heart: की राहो पर चलना :walking: चाहता हूँ, फिर ख़ुशी :grinning: मिले या दुःख :pensive: ये मेरा नसीब :innocent: है.
इस कदर इस जहाँ में जिंदा हूँ मैं
हो गयी थी भूल अब शर्मिंदा हूँ मैं
मेरी कोशिश है की ना हो तेरी दुनिया में कोई गम
तू आवाज़ दे गगन से एक परिंदा हूँ मैं ...
अपनी मर्ज़ी से कहाँ अपने सफ़र
के हम है;
रुख हवाओं का जिधर का है उधर के हम है;
पहले हर चीज़
थी अपनी मगर अब लगता है;
अपने ही घर में किसी दूसरे घर के
हम है;
वक़्त के साथ है मिट्टी का सफ़र सदियों से;
किसको मालूम कहाँ के हैं, किधर के हम हैं;
चलते रहते हैं कि चलना है मुसाफ़िर का नसीब;
सोचते रहते हैं किस राहग़ुज़र के हम है।
मैं :ok_woman: खुद हैरान :no_good:हु की तुझसे :hearts:इतनी :sunglasses:मोहब्बत:kissing_heart: क्यू है मुझे,....!! जब भी:couplekiss: प्यार :cupid:शब्द आता है चेहरा:heart_eyes: तेरा :princess:ही याद:rose: आता है......!!:dancers: