नया दर्द एक और दिल में जगा कर चला गया;
कल फिर वो मेरे शहर में आकर चला गया;
जिसे ढूंढ़ता रहा मैं लोगों की भीड़ में;
मुझसे वो अपने आप को छुपा कर चला गया।
यार था गुलज़ार था...
यार था गुलज़ार था बाद-ए-सबा थी मैं न था;
लायक़-ए-पा-बोस-ए-जाँ क्या हिना थी, मैं न था;
हाथ क्यों बाँधे मेरे छल्ला अगर चोरी हुआ;
ये सरापा शोख़ी-ए-रंग-ए-हिना थी, मैं न था;
मैंने पूछा क्या हुआ वो आप का हुस्न्-ओ-शबाब;
हँस के बोला वो सनम शान-ए-ख़ुदा थी, मैं न था;
मैं सिसकता रह गया और मर गये फ़रहाद-ओ-क़ैस;
क्या उन्हीं दोनों के हिस्से में क़ज़ा थी, मैं न था।
Tumhari pasand hamari chahat ban jaaye,
Tumhari muskrahat dil ki rahat ban jaaye,
Khuda khushiyo se itna khush kar de apko
Ki aapko khush dekhna hmari adat ban jaaye.
जब से देखा ह तेरी आखो:eyes: मे झाक कर आईना:mag: अच्छा नही :smirk:लगता मोहब्बत:two_hearts: मे ऐसे हुए ह दीवाने तुम्हें कोई देखे:sunglasses:,तो अच्छा नहीं :smirk:लगता
मेरी आँखों में...
मेरी आँखों में आँसू आए ना होते;
अगर वो हमें देखकर मुस्कुराए ना होते;
सोचता हूँ अक्सर तन्हाई में मैं;
मेरी ज़िंदगी में काश वो आए ना होते;
ना तड़पते हम उनके लिए इतना;
दिल ने ख़्वाब अगर उनके सजाए ना होते;
ना टूट कर बिखरता मैं इस कदर;
अगर वो मेरे दिल में अपना घर बसाए ना होते।