दोनों जहाँ देके वो...
दोनों जहाँ देके वो समझे ये ख़ुश रहा;
यां आ पड़ी ये शर्म की तकरार क्या करें;
थक-थक के हर मक़ाम पे दो चार रह गये;
तेरा पता न पायें तो नाचार क्या करें;
क्या शमा के नहीं है हवाख़्वाह अहल-ए-बज़्म;
हो ग़म ही जांगुदाज़ तो ग़मख़्वार क्या करें।
Translation:
नाचार=जिनका बस ना चले,
हवाख़्वाह=शुभचिंतक,
अहल-ए-बज़्म=महफिल वाले,
जांगुदा=जान घुलाने वाला।
एक अजीब सी हरकत हो गयी है तेरे जाने के बाद, हमें भुख ही नहीं लगती खाना खाने के बाद, मेरे पास 8 समोसे थे जो मैने खा लिए, 1 तेरे आने से पहले 7 तेरे जाने के बाद, नींद ही नहीं आती मुझे सोने के बाद, नजर कुछ नहीं आता आँखें बंद होने के बाद, डाक्टर से पुछा इसका इलाज, देकर 4 टैबलेट बोला, खा लेना 2 जागने से पहले 2 सोने के बाद
Woh Kya Jane Pyar Ki Keemat Kya Hoti Hai,
Jab Nhi Milta Pyar To Aankhe Kitna Roti Hain,
Kbhi Na Kbhi To Wo Bhi Kisi Se Dil Lagayegi,
Karegi Vo Bewafai To Meri Wafa Ki Yaad Ayegi.