मंजिल मिले ना मिले ये तो मुकदर की बात है! हम कोशिश भी ना करे ये तो गलत बात है... जिन्दगी जख्मो से भरी है, वक्त को मरहम बनाना सीख लो, हारना तो है एक दिन मौत से, फिलहाल जिन्दगी जीना सीख लो..!!.
*कमी हो तो अच्छे आचरण से* *पूरी की जा सकती है ।* *पर अच्छे आचरण की कमी हो* *तो वह सुंदरता से पूरी नही* *की जा सकती ।।* *याद रहे, जिस वक्त हम किसी* *का अपमान कर रहे होते है* *उस वक्त हम अपना* *सम्मान खो रहे होते है...,*
"सोने में जब जड़ कर हीरा, आभूषण बन जाता है, वह आभूषण फिर सोने का नही, हीरे का कहलाता है। काया इंसान ही सोना है और, कर्म हीरा कहलाता है, कर्मो के निखार से ही, मूल्य सोने का बढ़ जाता है।