अजीब रिश्ता हैं मेरा ऊपर वाले के साथ जब भी मुसीबत आती हैं न जाने किस रूप मे आता हैं हाथ पकड़ कर पार लगा देता हैं मैं उसके सामने सर झुकाता हूँ वो सबके के सामने मेरा सर उठाता हैं ।
मैंने एक बार पढ़ा था -जो लोग दूसरों को पढ़ते और समझते हैं वो बुद्धिमान होते हैं लेकिन जो लोग खुद को पढ़ते और समझते हैं वो प्रबुध्ध होते हैं..! रोबिन शर्मा
*जीवन में अगर ''''खुश'''' रहना है तो,* *स्वयं को एक ''''शांत सरोवर'''' की तरह बनाए.....* *जिसमें कोई ''''अंगारा'''' भी फेंके तो..* *खुद बख़ुद ठंडा हो जाए.....!!!!*
ए “सुबह ” तुम जब भी आना, सब के लिए बस "खुशियाँ" लाना. हर चेहरे पर “हंसी ” सजाना, हर आँगन मैं “फूल ” खिलाना. जो “रोये ” हैं इन्हें हँसाना. जो “रूठे ” हैं इन्हें मनाना, जो “बिछड़े” हैं तुम इन्हें मिलाना. प्यारी “सुबह ” तुम जब भी आना, सब के लिए बस “खुशिया ”ही लाना.
मन की आंखो से प्रभु का दीदार करो दो पल का है अन्धेरा बस सुबह का *इन्तजार करो क्या रखा है आपस के बैर मे ए यारो छोटी सी है ज़िंदगी बस *हर किसी से प्यार करो *