हर तरफ हर जगह...
हर तरफ हर जगह बेशुमार आदमी;
फिर भी तन्हाईयों का शिकार आदमी;
सुबह से शाम तक बोझ ढोता हुआ;
अपनी ही लाश का खुद मज़ार आदमी;
रोज़ जीता हुआ रोज़ मरता हुआ;
हर नए दिन नया इतज़ार आदमी;
हर तरफ भागते दौड़ते का शिकार आदमी;
हर तरफ आदमी का शिकार आदमी;
ज़िंदगी का मुक़द्दर सफ़र दर सफ़र;
आखिरी सांस तक बेक़रार आदमी।
Sirf Najdikiyo Se Mohabbat Hua Nahi Karti,
Fasle Jo Dilon Me Ho To Fir Chahat Hua Nhi Karti
Agar Naraz Ho Khafa Ho To Shikayat Karo Hamse
Khamosh Rahne Se Dilo Ki Duriya Mita Nhi Karti
तुझे पाने की इसलिए जिद्द नहीं करता,
कि तुझे खोने को दिल नहीं करता,
तु मिलता है तो इसलिए नजरें नहीं उठाते,
कि फिर नजरें हटाने को दिल नहीं करता,
दिल की बात इसलिए तुझ से नहीं करता,
कि तेरा दिल दुखाने को दिल नहीं करता,
ख्वाबो में इसलिए तुझको नहीं सजाते,
कि फिर निंद से जागने को दिल नहीं करता।
Zindagi ye rang dikhati hai kitne,
Gair ho jate hain, ek pal mein apne.
Sapno ki duniya mein kabhi na jana yaar,
Dil toot jata hai, jab toot te hain sapne
दिल तो तोड ही दिया आपने,
अब चिता भी जला देना ,
कफ़न ना मिले तो ,
ये दुपट्टा ही ओढ़ा देना ,
कोई पुछे कि बिमारी क्या थी हमें ,
तो नजरे झुका के मोहब्बत बता देन.
कहाँ से लाऊ हुनर उसे मनाने का;
कोई जवाब नहीं था उसके रूठ जाने का;
मोहब्बत में सजा मुझे ही मिलनी थी;
क्यूंकी जुर्म मैंने किया था उससे दिल लगाने का।
तन्हा हो कभी तो मुझे ढूंढ लेना;
इस दुनियां से नहीं अपने दिल से पूछ लेना;
आपके आस पास ही कहीं रहते हैं हम;
यादों से नहीं तो साथ गुज़ारे लम्हों से पूछ लेना।