हाथों:raised_hand: में मेरे किताब:closed_book:... और सामने तेरा किताबी चेहरा:woman: किताब:closed_book: पढ़ा जाता नही.. और तेरा चेहरा:woman: पढ़ने आता नही।
तेरे हाथ की काश मैं वो लकीर बन जाऊं;
काश मैं तेरा मुक़द्दर तेरी तक़दीर बन जाऊं;
मैं तुम्हें इतना चाहूँ कि तुम भूल जाओ हर रिश्ता;
सिर्फ मैं ही तुम्हारे हर रिश्ते की तस्वीर बन जाऊं;
तुम आँखें बंद करो तो आऊं मैं ही नज़र;
इस तरह मैं तुम्हारे हर ख्वाब की ताबीर बन जाऊं!
Mujhe Dekh Muskuraya Na Karo, Raaton Ko Khawab Main Aakar Jagaya Na Karo, Mohabbat Hai Yaa Hai Nafrat Humse Saaf Saaf Kehdo, Yuh Khamosh Reh Kar Dil Humara Jalaya Na Karo.
वक़्त की तुफान में बिखरते चले गए
तनहाई की गहराई में उतरते चले गए
जन्नत थी हर सुबह शाम जीन दोस्तो के साथ
एक एक कर के सब बिछडते चले गए
थँक्स टू व्हॉट्सअप साले सब वापीस मिल गए.
Jane kya soch ke lehrein sahil se takrati hain,
aur fir se wapas laut jati hain,
samjh nahi ata ke wo kinaro se bewafai karti hain ya
phir laut ke samandar se wafa nibhati hain..
वक़्त की तुफान में बिखरते चले गए
तनहाई की गहराई में उतरते चले गए
जन्नत थी हर सुबह शाम जीन दोस्तो के साथ
एक एक कर के सब बिछडते चले गए
थँक्स टू व्हॉट्सअप साले सब वापीस मिल गए