होली का रंग तो कुछ ही पलों में धूल जायेगा पर दोस्ती और प्यार का रंग नहीं धूल पायेगा यही तो हैं, असली रंग हमारी ज़िन्दगी के.. जितना रंगोगे उतना गहरा होता ही जायेगा
“समय बहाकर ले जाता है नाम और निशान कोई हम में रह जाता है कोई अहम में रह जाता है बोल मीठे ना हों तो हिचकियाँ भी नहीं आती घर बड़ा हो या छोटा अगर मिठास ना हो तो इंसान क्या चींटियां भी नहीं आती”