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  • Life Saying SMS   454
  • Haskar Jina Dastur He Zindagi Ka, 1 Yahi Kissa Mashur He Zindagi Ka, Bite Huye Pal Laut Kar Nahi Ate, Yhi Sabse Bada Kasur Hai Zindagi Ka..
  • 9 years ago



    Tags : Life Saying SMS
  • Manzil Ki Talash Main Yeh Kahan Aa gaya! Mehfil Ki Ummed Thi, Phir Kyun Main Tahna Reh Gaya!! Mujhe Kahan Jana Tha Aur Main Kahan Aa Gaya!!!
  • 9 years ago



    Tags : Life Saying SMS
  • Thought for a lifetime - Never argue with idiots . Because, . "First they bring you to their level & then they beat you with their experience !
  • 9 years ago



    Tags : Life Saying SMS
  • Full stop is not end, bcoz we can write a new sentence after it Same s life Failure s not d real end, but it can b a real bgning of success.
  • 9 years ago



    Tags : Life Saying SMS
  • Vajud nahi jiska wo hasti kis kam ki, jaha dil na lage wo basti kis kaam ki, yaad aapki aaye aur hum SMS na kare ,to apni ye sweet si dosti kis kaam ki...
  • 9 years ago



    Tags : Life Saying SMS
  • The Real Fact: Zindgi Me Kabi Pyar Karne Ka Man Ho To Apne Dukh Se Pyar Krna! qki Duniya Ka Ye Dastur H Jise Jitna Chahoge Use Utna Hi Dur Paoge.
  • 9 years ago



    Tags : Life Saying SMS
  • A Golden message for Youngsters. A Bright Future CAN Give U Many Beautiful Girls. But a Beautiful Girl CAN NOT, Give U a Bright Future.
  • 9 years ago



    Tags : Life Saying SMS
  • Zindagi Ka 1st Kapda NAPPY Usme Jeb Nahi ? Aur Last Kapda KAFAN Saala Usme Bhi jeb nahi? To Zindagi bhar jeb Bharne k liye itni bhag-daud kyun? Enjoy life.
  • 9 years ago



    Tags : Life Saying SMS
  • *बहुत सुंदर कथा ..*

    *एक औरत अपने परिवार के सदस्यों के लिए रोज़ाना भोजन पकाती थी और एक रोटी वह वहाँ से गुजरने वाले किसी भी भूखे के लिए पकाती थी..।*

    *वह उस रोटी को खिड़की के सहारे रख दिया करती थी, जिसे कोई भी ले सकता था..।*

    *एक कुबड़ा व्यक्ति रोज़ उस रोटी को ले जाता और बजाय धन्यवाद देने के अपने रस्ते पर चलता हुआ वह कुछ इस तरह बड़बड़ाता- "जो तुम बुरा करोगे वह तुम्हारे साथ रहेगा और जो तुम अच्छा करोगे वह तुम तक लौट के आएगा..।"*

    *दिन गुजरते गए और ये सिलसिला चलता रहा..*

    *वो कुबड़ा रोज रोटी लेके जाता रहा और इन्ही शब्दों को बड़बड़ाता - "जो तुम बुरा करोगे वह तुम्हारे साथ रहेगा और जो तुम अच्छा करोगे वह तुम तक लौट के आएगा.।"*

    *वह औरत उसकी इस हरकत से तंग आ गयी और मन ही मन खुद से कहने लगी की-"कितना अजीब व्यक्ति है,एक शब्द धन्यवाद का तो देता नहीं है, और न जाने क्या-क्या बड़बड़ाता रहता है, मतलब क्या है इसका.।"*

    *एक दिन क्रोधित होकर उसने एक निर्णय लिया और बोली-"मैं इस कुबड़े से निजात पाकर रहूंगी।"*

    *और उसने क्या किया कि उसने उस रोटी में ज़हर मिला दिया जो वो रोज़ उसके लिए बनाती थी, और जैसे ही उसने रोटी को को खिड़की पर रखने कि कोशिश की, कि अचानक उसके हाथ कांपने लगे और रुक गये और वह बोली- "हे भगवन, मैं ये क्या करने जा रही थी.?" और उसने तुरंत उस रोटी को चूल्हे कि आँच में जला दिया..। एक ताज़ा रोटी बनायीं और खिड़की के सहारे रख दी..।*

    *हर रोज़ कि तरह वह कुबड़ा आया और रोटी ले के: "जो तुम बुरा करोगे वह तुम्हारे साथ रहेगा, और जो तुम अच्छा करोगे वह तुम तक लौट के आएगा" बड़बड़ाता हुआ चला गया..।*

    *इस बात से बिलकुल बेख़बर कि उस महिला के दिमाग में क्या चल रहा है..।*

    *हर रोज़ जब वह महिला खिड़की पर रोटी रखती थी तो वह भगवान से अपने पुत्र कि सलामती और अच्छी सेहत और घर वापसी के लिए प्रार्थना करती थी, जो कि अपने सुन्दर भविष्य के निर्माण के लिए कहीं बाहर गया हुआ था..। महीनों से उसकी कोई ख़बर नहीं थी..।*

    *ठीक उसी शाम को उसके दरवाज़े पर एक दस्तक होती है.. वह दरवाजा खोलती है और भोंचक्की रह जाती है.. अपने बेटे को अपने सामने खड़ा देखती है..।*

    *वह पतला और दुबला हो गया था.. उसके कपडे फटे हुए थे और वह भूखा भी था, भूख से वह कमज़ोर हो गया था..।*

    *जैसे ही उसने अपनी माँ को देखा, उसने कहा- "माँ, यह एक चमत्कार है कि मैं यहाँ हूँ.. आज जब मैं घर से एक मील दूर था, मैं इतना भूखा था कि मैं गिर गया.. मैं मर गया होता..।*

    *लेकिन तभी एक कुबड़ा वहां से गुज़र रहा था.. उसकी नज़र मुझ पर पड़ी और उसने मुझे अपनी गोद में उठा लिया.. भूख के मरे मेरे प्राण निकल रहे थे.. मैंने उससे खाने को कुछ माँगा.. उसने नि:संकोच अपनी रोटी मुझे यह कह कर दे दी कि- "मैं हर रोज़ यही खाता हूँ, लेकिन आज मुझसे ज़्यादा जरुरत इसकी तुम्हें है.. सो ये लो और अपनी भूख को तृप्त करो.।"*

    *जैसे ही माँ ने उसकी बात सुनी, माँ का चेहरा पीला पड़ गया और अपने आप को सँभालने के लिए उसने दरवाज़े का सहारा लीया..।*

    *उसके मस्तिष्क में वह बात घुमने लगी कि कैसे उसने सुबह रोटी में जहर मिलाया था, अगर उसने वह रोटी आग में जला के नष्ट नहीं की होती तो उसका बेटा उस रोटी को खा लेता और अंजाम होता उसकी मौत..?*

    *और इसके बाद उसे उन शब्दों का मतलब बिलकुल स्पष्ट हो चूका था-*
    *जो तुम बुरा करोगे वह तुम्हारे साथ रहेगा,और जो तुम अच्छा करोगे वह तुम तक लौट के आएगा।।*

    *" निष्कर्ष "*
    ==========
    *हमेशा अच्छा करो और अच्छा करने से अपने आप को कभी मत रोको, फिर चाहे उसके लिए उस समय आपकी सराहना या प्रशंसा हो या ना हो..।*
    ==========

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    मैं आपसे दावे के साथ कह सकता हूँ कि ये बहुत से लोगों के जीवन को छुएगी व बदलेगी.:pray::blush:
  • 9 years ago



    Tags : Nice Story SMS , Life Saying SMS
  • Ek Parinde ka dard bhara fasana tha tute the pank fir bhi udte hue jana tha tufaan to jhel gaha par hua ek afsos wohi daal tuti ped ki jispar uska ashiyana tha.
  • 9 years ago



    Tags : Life Saying SMS
  • Rone se kisi chiz ko paya nahi jata, . khone se kisi chiz ko bhulaya nahi jata . waqt sabhi ko milta hai zindagi badalne ka, . zindagi se waqt ko badla nahi jata.
  • 9 years ago



    Tags : Life Saying SMS
  • Har Ek jazbat ko zuba nahi milti.. Har ek aarzu ko dua nahi milti.... Muskan banaye rakho to duniya hai sath.. ansuo ko ankho me bhi panah nahi milti...
  • 9 years ago



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