*समुद्र सभी के लिए एक ही है ... पर...,* *कुछ उसमें से मोती ढूंढते है ..* *कुछ उसमें से मछली ढूंढते है ..* *और, कुछ सिर्फ अपने पैर गीले करते है..,* *ज़िदगी भी... समुद्र की भांति ही है,* *यह सिर्फ हम पर ही निर्भर करता है, कि, इस जीवन रुपी समुद्र से हम क्या पाना चाहते है, हमें क्या ढूंढ़ना है ?*
गुस्सा तो तब आता है जब पूरी खाँसी भी सुनलो और बंदा फोन ना उठाए :slight_frown: :stuck_out_tongue_closed_eyes::stuck_out_tongue_closed_eyes::stuck_out_tongue_closed_eyes::stuck_out_tongue_closed_eyes::stuck_out_tongue_closed_eyes: